उत्तर प्रदेश l गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर मोबाइल फोन ब्लास्ट होने से 26 वर्षीय युवक गंभीर रूप से झुलस गया. युवक के दोनों हाथों के साथ शरीर के निचले हिस्से और प्राइवेट पार्ट्स तक जल गए. हादसे के वक्त युवक की जेब में मोबाइल रखा हुआ था. परिजनों के मुताबिक, फोन करीब एक महीने पहले ही खरीदा गया था. परिवार ने मोबाइल की तकनीकी जांच कराने की मांग की है. गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर मोबाइल फोन ब्लास्ट होने से 26 वर्षीय युवक गंभीर रूप से झुलस गया. युवक के दोनों हाथों के साथ शरीर के निचले हिस्से और प्राइवेट पार्ट्स तक जल गए. हादसे के वक्त युवक की जेब में मोबाइल रखा हुआ था. परिजनों के मुताबिक, फोन करीब एक महीने पहले ही खरीदा गया था. परिवार ने मोबाइल की तकनीकी जांच कराने की मांग की है. मोबाइल ब्लास्ट इतना तेज था कि माजिद के दोनों हाथ झुलस गए. शरीर के निचले हिस्से में भी जलने की चोट आई और प्राइवेट पार्ट्स तक प्रभावित हुए. अस्पताल में उनका इलाज कराया गया. इलाज के बाद माजिद को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. हालांकि, हादसे ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है. माजिद के मामा हारून के मुताबिक, जिस मोबाइल में ब्लास्ट हुआ, उसे करीब एक महीने पहले ही खरीदा गया था. परिवार का कहना है कि फोन कोई पुराना या लंबे समय से खराब पड़ा हुआ डिवाइस नहीं था. ऐसे में परिवार यह जानना चाहता है कि आखिर नए मोबाइल की बैटरी जेब में रहते हुए अचानक क्यों फट गई. हादसे के बाद माजिद ने मोबाइल बनाने वाली कंपनी और उस शोरूम पर सवाल उठाए हैं, जहां से फोन खरीदा गया था. उनका कहना है कि मोबाइल जेब में सामान्य तरीके से रखा हुआ था और अचानक गर्म होने के बाद ब्लास्ट हो गया. माजिद का कहना है कि अगर उस वक्त आसपास कोई और व्यक्ति होता तो वह भी इसकी चपेट में आ सकता था. परिवार मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से करने की तैयारी में है. मोबाइल फोन में आग लगने या ब्लास्ट होने के पीछे कई तकनीकी वजहें हो सकती हैं. इनमें बैटरी में खराबी, अत्यधिक गर्म होना, शॉर्ट सर्किट या मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट जैसी वजहें शामिल हो सकती हैं. हालांकि, माजिद के मामले में मोबाइल ब्लास्ट की वास्तविक वजह क्या थी, यह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा.
झुलस गया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर मोबाइल फटने से 26 वर्षीय युवक, गंभीर रूप से प्राइवेट पार्ट्स भी जल गए
