नई दिल्ली: आरबीआइ के निर्देश के बाद बैंक मंगलवार से दो हजार के नोटों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे। शनिवार को ही बैंक शाखाओं में दो हजार रुपये के नोट बैंक खाते में जमा कराने वालों की भीड़ आनी शुरू हो गई है। लेकिन 30 सितंबर, 2023 के बाद दो हजार के नोटों का भविष्य क्या होगा, उन्हें प्रचलन रखा जाएगा या नहीं इसका अंतिम फैसला केंद्र सरकार करेगी। किसी प्रचलित मुद्रा को प्रचलन से बाहर करने का फैसला केंद्र सरकार ही करती है। हां, बाजार से कितनी राशि वापस बैंकिंग सिस्टम में वापस लौटती है, इसको देखते हुए आरबीआइ आम जनता को और ज्यादा वक्त दे सकता है। बैंक अधिकारियों ने बताया कि दो हजार के नोटों को लेकर आरबीआइ की तरफ से जारी निर्देश मंगलवार से लागू होने हैं, लेकिन शनिवार को ही बैंक शाखाओं में ग्राहकों की भीड़ आनी शुरू हो गई है। दो हजार के नोटों के बदले दूसरे नोट हासिल करने का काम 23 मई से शुरू होगा। हालांकि इस बात की कोई संभावना नहीं है कि नवंबर 2016 के नोटबंदी जैसे हालात होंगे। वजह यह है कि तब सिस्टम में प्रचलित 87 प्रतिशत नोटों को सिस्टम से बाहर करने की कोशिश की गई थी जबकि इस बार सिर्फ 11 प्रतिशत नोटों (सर्कुलेशन में दो हजार नोटों का हिस्सा) को ही बदला जा रहा है। केंद्रीय बैंक सुनियोजित तरीके से पिछले तीन वर्षों में सिस्टम से दो हजार रुपये के नोटों की बड़ी संख्या में बाहर कर चुका है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि दो हजार रुपये के नोटों के बदलने की प्रक्रिया की पूरी निगरानी होगी और सारे रिकार्ड रखे जाएंगे। 2016. की नोटबंदी के दौरान जो रिकार्ड रखे गए थे, उससे आय कर विभाग को काफी मदद मिली थी। जहां तक 30 सितंबर के बाद की स्थिति का सवाल है तो इस बारे में समय आने पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। अभी आरबीआइ का निर्देश पूरी तरह से स्पष्ट है कि जिसके पास दो हजार रुपये के नोट हैं, उन्हें निर्धारित अवधि तक बैंक में वापस करना होगा।
