देहरादून प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए लोग को इसके उपयोग को कम करना होगा। साथ ही आने वाली पीढ़ी और बच्चों को इसके प्रति सचेत करना होगा। उत्तराखंड सब एरिया के जीओसी मेजर जनरल संजीव खत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही। इस दौरान उन्होंने देहरादून छावनी में प्लास्टिक को रिसाइकिल और पुनः उपयोग करने के स्टेशन मुख्यालय, एमईएस व अन्य इकाइयों के प्रयासों की सराहना की। सैन्य समुदाय के प्रयासों को मान्यता देने के लिए विभिन्न सम्मान उन्होंने • प्रदान किए। गढ़ी कैंट स्थित दून सैनिक संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि प्लास्टिक को रिसाइकिल कर प्रदूषण को कम किया जा सकता है। उन्होंने बेस्ट कम्युनिटी किचन गार्डन, बेस्ट शापिंग काम्प्लेक्स, बेस्ट पार्क, बेस्ट वाकिंग प्लाजा और सर्वश्रेष्ठ रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के लिए पुरस्कार प्रदान किए। डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर अनिर्बन दत्ता ने बताया कि प्लास्टिक के खिलाफ देहरादून स्टेशन पूरी शिद्दत से लड़ रहा है। पिछले साल की शुरुआत में सिंगल यूज प्लास्टिक और पालीथिन पर प्रतिबंध लागू करते हुए बाजारों में थैला घर की अनूठी की पहल की गई। ये कपड़े के थैले महिला सशक्तीकरण केंद्रों पर तैयार किए जाते हैं, जोकि फेंके गए कपड़ों, चादरों और साड़ियों से बनाए जाते हैं। छावनी में एकत्रित पालीथिन को साफ कर, सुखाया जाता है प्लास्टिक की बोतलों में भरकर ईको त्रिक बनाई जाती हैं। ईको ब्रिक पारंपरिक निर्माण सामग्री का कम लागत वाला विकल्प और कचरे को कम करने का एक तरीका बन गई हैं।
