उत्तर प्रदेश l समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं के लिए घोषित मुफ्त बस यात्रा व्यवस्था को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है. अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार का दावा जमीन पर पूरी तरह सफल नहीं दिखा और कई जगह महिलाओं को बसों की कमी, सीट न मिलने तथा बसों के निर्धारित स्थानों पर नहीं रुकने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा. उन्होंने इसे बहनों के साथ धोखा करार दिया. उत्तर प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन पर महिलाओं की यात्रा को आसान बनाने के उद्देश्य से 27 अगस्त की आधी रात से शुक्रवार की आधी रात तक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिलाओं और उनके साथ एक सहयात्री को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की थी. सरकार की ओर से परिवहन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन को यात्रियों की सुविधा तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए थे. विपक्ष ने बाद में इस व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए. सपा प्रमुख ने अपने हमले में पौराणिक संदर्भ का इस्तेमाल करते हुए बीजेपी पर बड़ा राजनीतिक वार किया. उन्होंने कहा कि जिस तरह बीजेपी ने अपनी बहनों को धोखा दिया है, वैसा धोखा रावण ने भी अपनी बहनों को नहीं दिया था. अखिलेश ने बीजेपी और उसके सहयोगियों को ‘दशानन से भी बड़ा झूठा’ बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार बड़े दावे करती है, लेकिन आम लोगों को कई बार उन घोषणाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता. एक अन्य पोस्ट में अखिलेश यादव ने ‘बस’ और ‘बे-बस’ शब्दों के जरिए सरकार की मुफ्त यात्रा योजना पर तंज कसा. उन्होंने लिखा कि रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा का वादा किया गया, लेकिन कई जगह यात्रियों को बसों की कमी का सामना करना पड़ा. सपा अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी चाहे जितने दावे करे, जनता अब उसकी बातों को समझ चुकी है. इस मुद्दे को लेकर रक्षाबंधन के बाद प्रदेश की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है.
महिलाओं को रक्षाबंधन पर बसों की कमी और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ा : अखिलेश यादव
