दिल्ली : शिक्षकों की नियुक्ति में किसी तरह की गड़बड़ी अब उच्च शिक्षण संस्थानों को भारी पड़ेगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जो देशभर में घूम-घूमकर शिक्षकों की नियुक्तियों को ही परखेगी। साथ ही इसकी रिपोर्ट उसे देगी। इस दौरान किसी संस्थान से गड़बड़ी मिलने के बाद उसके खिलाफ तय नियमों के तहत सख्त कार्रवाई होगी। इनमें संस्थानों को दी गई संबद्धता वापस लेने सहित उसे दी जाने वाली वित्तीय मदद पर भी रोक लगाई जा सकेगी। यूजीसी ने इसके साथ ही पीएचडी डिग्री देने के मामले को भी सख्ती से जांचने के निर्देश दिए हैं। यूजीसी अध्यक्ष प्रोफेसर एम जगदीश कुमार के मुताबिक शिक्षकों की नियुक्ति और पीएचडी डिग्री देने के मामले में गड़बड़ी की लगातार शिकायतें मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी तरह कोई समझौता नहीं होगा। योग्य शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से संस्थानों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। आयोग ने अप्रैल में हुई बैठक में ही ऐसी गड़बड़ियों से सख्ती से निपटने का फैसला लिया था। इसको लेकर स्टैंडिंग कमेटी का गठन कर दिया गया है। यह समिति किसी भी संस्थान में जाकर वहां शिक्षकों की नियुक्ति और पीएचडी डिग्री देने की प्रक्रिया की जांच कर सकेगी। साथ संयुक्त ही इसे लेकर वह आयोग को एक रिपोर्ट भी देगी। इसके आधार पर यूजीसी ऐसे संस्थान के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
