देहरादून: उत्तराखंड उपलसंविदा कर्मचारी क्षेत्र के प्रदेश महामंत्री प्रमोद गुसाई की अध्यक्षता में आयोजित कर्मचारियों की बैठक में उपनल कर्मचारियों के न्यायालय में चल रहे मामले पर चर्चा की। इस दौरान कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोत्तरी और बकाया वेतन जल्द न मिलने पर विरोध करने का निर्णय लिया गया। कार्यकारी अध्यक्ष नितिन कुमार ने कहा कि एक और विभिन्न विभागों के उपनल कर्मचारियों को कई महीनों तक वेतन नहीं दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उपनल कार्यालय की ओर से अधिवक्ताओं को लाखों रुपये दिए गए हैं। महामंत्री प्रमोद गुसाई ने कहा कि उपनल कर्मचारियाँ की वर्षों की सेवा व महंगाई को देखते हुए सरकार ने उपनल कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य और सम्मानजनक वेतन देने के बजाय सैनिक कल्याण विभाग की ओर से उपनल कर्मचारियों के विरोध में प्रति सुनवाई 20 लाख रुपये अधिवक्ताओं की फीस पर खर्च किए हैं। लगभग दो ‘वर्ष से उपनल कर्मचारियों के वेतन में सरकार की और से एक रुपये की बढ़ोत्तरी तक नहीं की गई है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए समस्त उपनल कर्मचारियों में आक्रोश है। जल्द ही उपनल संयुक्त मोर्चे की बैठक के बाद सभी उपनल कर्मचारी एक बैनर के तले विरोध करेंगे।
