टिहरी। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविधालय ( यूटीयू ) से संबद्ध टिहरी िस्थत टीएचडीसी – इंस्टीयूट ऑफ़ हाइड्रोपावर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज में २०२३-२४ सत्र से एम -टेक पूर्णकालीन व एम -टेक पार्टटाइम पाठ्यक्रम संचालित किये जाने का निर्णय लिया गया है इसके साथ ही कंप्यूटर सांइस इंजीनियरिंगमें सीटों की संख्या ६० से बढ़ाकर १२० सीट किये जाने का प्रस्ताव भी विश्वविधालय को भेजा जा रहा है. यूटीयू के कुलपति प्रो.ओंकार सिंह ने टीएचडीसी – आईएचईटी इंजीनियरिंग कॉलेज का दौरा कर संस्थान के निदेशक शरद प्रधान को इस संबंध में निर्देशित किया। इंजीनियरिंग कॉलेज के शैक्ष िण निरीक्षण से पहले कुलपति ने संस्थान के कार्यपालक निदेशक एलपी जोशी व परियोजना के अधिकारीयों के साथ कॉलेज को संचालित किये जाने को लेकर पूर्व में आई समस्याओं पर चर्चा की। कुलपति ने समस्याओ के मिलकर निदान करने पर सहमति जताई। संस्थान के कार्यपालक निदेशक ने कुलपति के साथ बैठक की बैठक में कहा गया कि जिस उद्देशय से इंजीनियरिंग कॉलेज का गठन हुआ था आज उन उद्देशयो में कमी दिखाई देती है। जिसका खामियजा संस्थान और छात्रों को भुगतना पड़ता है।लेकिन नौ मई, 2023 के राज्य सरकार के शासनादेश के अंतर्गत अब यह इंजीनियरिंग कालेज विवि का कैंपस कालेज बन गया है। उम्मीद है कि टिहरी स्थित कालेज कुलपति प्रो ओंकार सिंह के नेतृत्व में अपने उद्देश्यों और लक्ष्यों को हासिल करेगा। कुलपति प्रो. ओंकार सिंह ने कहा कि नियमानुसार तो टीएचडीसी परियोजना लिमिटेड के साथ पूर्व में हुए करार की शर्तों के अंतर्गत इस कालेज का संचालन होना था जो कि कतिपय कारणों से नहीं हुआ, जिसका खामियाजा संस्थान को इतने सालों तक झेलना पड़ा। उन्होंने कालेज के शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके कंधों पर छात्रों को कक्षाओं में पढ़ाते हुए संस्कारित शिक्षा देने की जिम्मेदारी है ताकि छात्रों के भविष्य साथ-साथ प्रदेश और देश का भविष्य सुधर सके।
