बेंगलुरु में फोर्टिस नगरभावी के डॉक्टरों ने एक चमत्कारी कार्य कर दिखाया है। दरअसल, एक 8 महीने के बच्चे ने खेलते समय गलती से दो सेमी बोतल कॉर्क निगल लिया था। बोतल की कॉर्क निगलने के बाद बच्चे की जान खतरे में आ गई थी बच्चे की सांस फूल गई थी।
बच्चे के माता-पिता उसे डॉक्टर के पास लेकर गए। बच्चे को एक सप्ताह के अंदर एक के बाद एक तीन अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों को संदेह था कि बच्चे को श्वसन तंत्र के निचले हिस्से में संक्रमण है और नेबुलाइजर उपचार निर्धारित किया। हालांकि, इससे बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। उसके गले से लगातार घरघराहट की आवाज आ रही थी, और उसने कम खाना शुरू कर दिया।बच्चे की हालत में सुधार ना होता देख उसे बेंगलुरु के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। बेंगलुरु में फोर्टिस नगरभावी के डॉक्टरों की टीम ने इस बच्चे की जान बचाने के लिए असंभव जैसे कार्य को संभव कर दिखाया। अस्पताल द्वारा जारी की गई आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, डॉ. नरेंद्रनाथ ए, सलाहकार, ENT विशेषज्ञ के साथ-साथ डॉ. एच.के. सुशील दत्त, सीनियर कंसल्टेंट – ENT स्पेशलिस्ट ने लैरिंगोस्कोपी की मदद से बोतल की कॉर्क को गले से निकाला।
